ओबीसी महाराष्ट्र कृति समिति ने दिल्ली में केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठवाले से की मांग,
रामदास अठावले ने दिया आश्वासन जल्द प्रक्रिया पूरी कर सभी को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा
दिल्ली/ संवाददाता
महाराष्ट्र की राज्य ओबीसी सूची में शामिल, लेकिन अभी तक केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल न हो सकीं ३३ जातियों के साथ सलमानी जाति को न्याय दिलाने की मांग को लेकर ओबीसी महाराष्ट्र कृति समिति के ३३ जातियों के प्रतिनिधि २९ जुलाई २०२६ से नई दिल्ली में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि केंद्रीय अधिसूचना तुरंत जारी की जाए।
महाराष्ट्र सरकार ने ८ अक्टूबर २०२४ और २ नवंबर २०२४ को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की सकारात्मक सिफारिशों के साथ प्रस्ताव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजे हैं।

लेकिन अभी तक केंद्रीय अधिसूचना प्रकाशित न होने के कारण लाखों ओबीसी छात्रों और युवाओं को केंद्र सरकार के आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है, ऐसा प्रतिनिधियों ने बताया।दिल्ली में पहले ही दिन प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षाताई खडसे, बी. एल. वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. भागवत कराड, लोकसभा ओबीसी कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. गणेश सिंह, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य किरण महाले, केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठवाले के साथ-साथ सांसद हेमंत विष्णु सावरा, अमर काले, उज्ज्वल निकम, डॉ. प्रशांत पडोले, दर्शनसिंह चौधरी और विधायक परिणय फुके से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे।

पहले चरण में बदगुजर, सूर्यवंशी गुजर, लेवे गुजर, पोवार-भोयर-पवार, कापेवार, तेलंगा, तेलंगी, पेंटारेड्डी, बुकेकारी, लोध-लोधा-लोधी, डांगरी आदि १५ जातियों का समावेश प्रस्तावित है। वहीं दूसरे चरण में कुलवंत वाणी, कुणबी वाणी, कराडी, कानोडी, नेवे वाणी, सतनामी, निषाद, मल्ल, मल्लाह आदि समाजों को शामिल किया गया है। इसके अलावा भावसार, ईस्ट इंडियन, फिरकी, वीरशैव लिंगायत, भानारा, गुरडी, तागवाले, वैश्यवाणी और दोरीक समाजों के प्रस्ताव भी अंतिम मंजूरी के इंतजार में हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने जनप्रतिनिधियों को बताया कि संबंधित जातियों को राज्य स्तर पर तो ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल रहा है, लेकिन केंद्रीय सूची में शामिल न होने के कारण आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, यूपीएससी और केंद्र सरकार की विभिन्न नौकरियों व योजनाओं में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता है।सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, इसलिए अब केवल केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी की आवश्यकता है, यह उन्होंने स्पष्ट किया।इस दौरान विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और जनप्रतिनिधियों ने इस मांग को संबंधित मंत्रालय और संसद में उठाकर केंद्रीय अधिसूचना जल्द से जल्द जारी कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस बीच, देर रात बीएसएनएल कॉरपोरेट कार्यालय, कश्मीरी गेट पर प्रतिनिधियों की एक अनौपचारिक बैठक हुई। इसके बाद सभी प्रतिनिधि अपने-अपने निवास स्थान के लिए रवाना हो गए।इस दौरान विशेषताओं पर जर्मनी समाज के मकसूद हसन सलमानी और आशाद शेख भी ओबीसी महाराष्ट्र कृति समिति के पदाधिकारी के साथ दिल्ली में उपस्थित थे.
