शहर के ‘गुन्हों का बाजार’ बनने की आशंका
अमरावती / जिला संवाददाता
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध अमरावती शहर पर अब अपराध का साया गहराता जा रहा है। चोरी, हत्या, हमले, जुआ, सट्टा और मादक पदार्थों का बढ़ता कारोबार लोगों में भय का वातावरण बना रहा है। महिलाओं की सुरक्षा बड़ा प्रश्न बन गई है और पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
खूनी घटनाओं ने हिलाया
हाल ही में शहर में हुई कुछ भीषण घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बडनेरा में हुई रक्तरंजित हत्या,
राहुल नगर में महिला की हत्या,
मालवीय चौक में मिला शव,
बेलपुरा-चिचफैल में दिनदहाड़े व्यापारी पर जानलेवा हमला,
लगातार हो रहे सड़क हादसे और जगह-जगह ट्रैफिक जाम
इन सिलसिलेवार घटनाओं ने नागरिकों को सहमा दिया है।
प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
इनमें से कुछ घटनाएं उस दिन हुईं, जब पालकमंत्री और राज्य के मंत्री शहर में मौजूद थे। इसके बावजूद अपराध होना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है।
पुलिस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
इसी बीच, पुलिस ने नवरात्र उत्सव में गरबा रात 10:30 बजे रोककर सख्त कार्रवाई की, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि पुलिस को धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

‘अपराध राजधानी’ बनने का खतरा
स्थानीय विधायक संजय खोड़े, प्रताप अडसड़, सुलभा खोड़े, पूर्व विधायक सुनील देशमुख और सामाजिक कार्यकर्ता नितिन मोहोड ने चेतावनी दी है कि अमरावती शहर अपराध की राजधानी बनने की कगार पर है। वलगांव थाने के एएसआई और फेजरपुरा की महिला पुलिसकर्मी की हत्या के बाद अब पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं। शहर में चाकूबाजी, मारपीट और गोलीबारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पुलिस का डर खत्म होता दिख रहा है।
नशे का अड्डा बनता अमरावती
रिपोर्टों में आरोप लगाया गया है कि अमरावती अपराध और अवैध कारोबार का “ड्रग्स हब” बन गया है। नागरिकों का कहना है कि क्राइम ब्रांच की कार्रवाई महज़ दिखावा है। जगह-जगह चल रहे धंधों को लोग देखते हैं, लेकिन पुलिस केवल कागजों में उन्हें बंद दिखाती है। कभी-कभी कार्रवाई और फोटो सेशन के बाद वही धंधे कुछ दिनों में फिर शुरू हो जाते हैं। सवाल यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के बावजूद निचले स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? आखिर गड़बड़ कहां है?
क्या अमरावती फिर से शांति का शहर बनेगा?
एक समय धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध अमरावती अब अपराध और अवैध धंधों की गिरफ्त में है। ऐसे में, क्या यह शहर फिर से सुरक्षित और शांतिप्रिय पहचान हासिल कर पाएगा? यही सवाल आज हर नागरिक के मन में उठ रहा है।
